Home tech how to Cricket Created by potrace 1.15, written by Peter Selinger 2001-2017 shop more
पर्यावरण संताप | 2YODOINDIA POETRY | लेखिका श्रीमती प्रभा पांडेय जी | पुरनम | WRITTEN BY MRS PRABHA PANDEY JI

|| अमूल्य धरोवर ||

अमूल्य धरोवर

प्रकृति ने दिया है जल अमूल्य धरोहर,
नदी,झरने, कुएँ, तालाब और सरोवर ।

संभाल हम न सके तो है भूल हमारी,
प्रकृति ध्यान रख रही हमारा बराबर ।

बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ लगाये गिद्ध दृष्टि,
राष्ट्र तक अब मर रहे हैं जल को लडलड़कर ।

हो गये हैं वर्ष बासठ मिले आजादी,
कुव्यवस्था के घिरे अब भी हैं बवंडर ।

प्रशासन के लिये है कामधेनु सा उपहार,
हर वर्ष बाढ़ सूखे का बजट है बराबर ।

जल देवता तो है मगर हम नहीं पुजारी,
तभी तो सहना पड़ेगा प्रकृति का कहर ।

लेखिका
श्रीमती प्रभा पांडेय जी
” पुरनम “

READ MORE POETRY BY PRABHA JI CLICK HERE

DOWNLOAD OUR APP CLICK HERE

ALSO READ  || बजबजाती नालियाँ ||
Share your love

Leave a Reply

Your email address will not be published.