More
    35.1 C
    Delhi
    Tuesday, April 16, 2024
    More

      || अंबर से टपटप बरस रहा ||

      अंबर से टपटप बरस रहा

      अंबर से टप-टप बरस रहा मोती जैसा निर्मल है,
      ना इसमें भेदभाव और न इसमें कोई छल है ।

      है सबकी प्यास बुझाता और ठंडक देता है सबको,
      हर जन को जीवन देने वाला अमृत रूपी ये जल है ।

      बिजली इससे पैदा होकर घर-घर में करे रोशनी,
      कल कारखाने,रेलगाड़ी बिजली से पाते बल है ।

      कभी-कभी ये भैरव रूपी काल रूप में आता,
      बाढ़ सुनामी लाने में भी ये जल बहुत सबल है ।

      जल का मूल्य सभी पहचानें, बूँद-बूँद की कीमत,
      जल ही वर्तमान की कीमत और कीमती कल है ।

      जल ना हो जीवन का पल भी कटना है मुश्किल,
      समझ धरोवर इसे संरक्षण एक मात्र बस हल है ।

      लेखिका
      श्रीमती प्रभा पांडेय जी
      ” पुरनम “

      READ MORE POETRY BY PRABHA JI CLICK HERE

      DOWNLOAD OUR APP CLICK HERE

      ALSO READ  || भूल न जाना दुनिया वालो ||

      Related Articles

      LEAVE A REPLY

      Please enter your comment!
      Please enter your name here

      Stay Connected

      18,753FansLike
      80FollowersFollow
      720SubscribersSubscribe
      - Advertisement -

      Latest Articles