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माँ में तेरी सोनचिरैया | WRITTEN BY MRS PRABHA PANDEY 2YODOINDIA POETRY

|| बेटी के जन्म पर ||

मन नहीं गिराईये बेटी के जन्म पर,
गाइये बजाईये बेटी के जन्म पर ।
तोतली भाषा में बेटी कहेगी पापा,
याद नहीं रहेगा उस समय आपा ।
जरा ना लजाईये बेटी के जन्म पर,
मन नहीं गिराईये बेटी के जन्म पर।
फ्राक पहन बेटी जब स्कूल जायेगी,
उस समय भी आपके जी को भायेगी ।
दिल से मुस्कुराईये बेटी के जन्म पर,
मन नहीं गिराईये बेटी के जन्म पर।
हाथ में जिस वक्त वो मेहंदी रचायेगी,
हाथ से बढ़कर हृदय तेरा सजायेगी ।
खुशियाँ भी छिटकाईये बेटी के जन्म पर,
मन नहीं गिराईये बेटी के जन्म पर।
डोली में सज बेटी जब ससुराल जायेगी,
पुण्य कन्यादान का तुमको दिलायेगी ।
स्वर्ग का सुख पाईये बेटी के जन्म पर,
मन नहीं गिराईये बेटी के जन्म पर।

लेखिका
श्रीमती प्रभा पांडेय जी
” पुरनम “

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