|| कोरोना को भी… ||

नमस्कार मित्रों,

एक नर्स गुजरात में ऑपरेशन से दो घंटे पहले मरीज़ के कमरे में घुसकर कमरे में रखे गुलदस्ते को संवारने और ठीक करने लगी।

ऐसे ही जब वो अपने पूरे लगन के साथ काम में लगी थी, तभी अचानक मरीज़ से पूछा “सर आपका ऑपरेशन कौन सा डॉक्टर कर रहा है?”

नर्स को देखे बिना मरीज़ ने अच्छे लहजे में कहा “डॉ. यशस्विनी ।”

नर्स ने डॉक्टर का नाम सुना और आश्चर्य से अपना काम छोड़ते हुए मरीज़ के पास पहुँची और पूछा “सर, क्या डॉ. यशस्विनी ने वास्तव में आपके ऑपरेशन को स्वीकार किया हैं?

मरीज़ ने कहा “हाँ, मेरा ऑपरेशन वही कर रही है।”

नर्स ने कहा “बड़ी अजीब बात है, विश्वास नहीं होता

परेशान होते हुए मरीज़ ने पूछा “लेकिन इसमें ऐसी क्या अजीब बात है?

नर्स ने कहा “वास्तव में इस डॉक्टर ने अब तक हजारों ऑपरेशन किए हैं उसके ऑपरेशन में सफलता का अनुपात 100 प्रतिशत है । इनकी तीव्र व्यस्तता की वजह से इन्हें समय निकालना बहुत मुश्किल होता है। मैं हैरान हूँ आपका ऑपरेशन करने के लिए उन्हें फुर्सत कैसे मिली?

मरीज़ ने नर्स से कहा “ये मेरी अच्छी किस्मत है कि डॉ. यशस्विनी को फुरसत मिली और वह मेरा ऑपरेशन कर रही हैं

नर्स ने एक बार कहा “यकीन मानिए, मेरा हैरत अभी भी बरकरार है कि दुनिया कि सबसे अच्छी डॉक्टर आपका ऑपरेशन कर रही है!!”

इस बातचीत के बाद मरीज को ऑपरेशन थिएटर में पहुंचा दिया गया, मरीज़ का सफल ऑपरेशन हुआ और अब मरीज़ हँस कर अपनी जिंदगी जी रहा है।

मरीज़ के कमरे में आई महिला कोई साधारण नर्स नहीं थी, बल्कि उसी अस्पताल की मनोवैज्ञानिक महिला डॉक्टर थी, जिसका काम मरीजों को मानसिक और मनोवैज्ञानिक रूप से संचालित करना था, जिसके कारण उसे संतुष्ट करना था जिस पर मरीज़ शक भी नहीं कर सकता था।

और इस बार इस महिला डॉक्टर ने अपना काम मरीज़ के कमरे में गुलदस्ता सजाते हुवे कर दिया था और बहुत खूबसूरती से मरीज़ के दिल और दिमाग में बिठा दिया था कि जो डॉक्टर इसका ऑपरेशन करेगा वो दुनिया का मशहूर और सबसे सफल डॉक्टर है जिसका हर ऑपरेशन सफल ऑपरेशन है और इन सब के साथ मरीज़ खुद सकारात्मक तरीके से सुधार की तरफ लौट आया।

आज विज्ञान ने सिद्ध कर दिया कि रोगी जितनी दृढ़ता से रोग को नियंत्रित करने का वादा करता है उतनी ही दृढ़ता से रोग पर जीत दर्ज कर सकता है , कोई भी व्यक्ति संकल्प ले तो हर समस्या को नियंत्रित कर सकता हैं।

कोरोना को भी…

लेख पढ़ने के लिए धन्यवाद मित्रों.

2 Comments

  1. This is amazing! Indeed at times it’s not only the doctor but it is the mindset of the patient which decides the success rate of operation.

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