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2YoDoINDIA EXCLUSIVE | POETRY BY SHRI PRADEEP KUMAR DIWAKAR | BOOK TITLE : LAMHE

|| प्रजातंत्र ||

प्रजातंत्र

बहुत अच्छा प्रजातंत्र हमने पाया है

क्या खत्म हो गए सभी तानाशाह

ये सवाल भीड़ से किसी ने उठाया है।

सुना था प्रजा का राज प्रजा के द्वारा प्रजा के लिए आएगा

देश हमारा भी इसी माहौल में अपने कदम विकास की ओर बढ़ाएगा

अब सोंचता हूँ क्यों न इस प्रजातन्त्र को एक बार अजमाया जाए

एक मतदाता क्या अहमियत रखता है चुने हुए प्रतिनिधि से सवाल उठाया जाए

क्या तंत्र में प्रजा का काम सिर्फ चुनाव में बटन दबाना है

या धर्म और जाति की चुनावी मंडी से अपने मुफीद नेता को जिताना है

अगर को प्रजा तंत्र की घुटन से बचाना है।

तो दोस्तों हमें वास्तविक प्रजातंत्र अपनाना है

लेखक
प्रदीप कुमार दिवाकर
“LAMHE”

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