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पर्यावरण संताप | 2YODOINDIA POETRY | लेखिका श्रीमती प्रभा पांडेय जी | पुरनम | WRITTEN BY MRS PRABHA PANDEY JI

|| बकरी का दूध ||

बकरी का दूध

जड़ी बूटियों के गुणवाला शक्ति से भरपूर है,

बकरी का जो पिये दूध, रोगों से रहता दूर है।

क्षय से छुटकारा दिलवाये ये सबका विश्वास है,

कीटाणु रोगों के मारे, इसकी खास सुवास है,

ताप रोग, रोगी को त्यागने को होता मजबूर है,

जड़ी बूटियों के गुणवाला शक्ति से भरपूर है ।

घर में नहीं दूध ना मानें खुद को हम लाचार कभी,

जब तब ढुह सकते बकरी को, सुबह शाम या अभी-अभी,

प्रतिदिन पीता दूध जो उसके मुख पर रहता नूर है,

जड़ी बूटियों के गुणवाला शक्ति से भरपूर है ।

हरे-हरे पत्ते बकरी के भोजन का आधार हैं,

जीवन सत्वों व लवणों का घोल दूध की धार है,

कामधेनु पर्वत पठार की बकरी है, मशहूर है,

जड़ी बूटियों के गुणवाला शक्ति से भरपूर है,

बकरी का जो पिये दूध रोगों से रहता दूर है।

लेखिका
श्रीमती प्रभा पांडेय जी
” पुरनम “

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